गुरुवार, 6 सितंबर 2007

सभ्य समाज

कहने को तो हम सभ्य समाज में रह रहें है। और बात-बात पर ग्लोबलाइजेशन और तरक्की की बातें करते हैं, लेकिन जालंधर में हुई एक घटना से तस्वीर का एक दूसरा ही पहलू नजर आता है। जहां एक मासूम को घोड़े से बांधकर खींचा गया। जालंधर पठान कोट रोड के ही पास के एक गांव में रहने वाले 10 साल के इतवारी के माता-पिता ने बताया कि हम गांव के नंबरदार लखबीर सिंह के खेत को जोत रहे थे। उस समय इतवारी भी हमारे साथ था तभी उस खेत में गांव के ही गुर्जर समुदाय के एक व्यक्ति का घोडा़ आ गया और चरने लगा। इसी कारण इतवारी उस घोडे़ को बाहर करने लगा। इसी बात से नाराज़ होकर उस गुर्जर समुदाय के व्यक्ति ने इतवारी को घोड़े के पीछे रस्सी से बांधकर खींचने लगा। बच्चे की आवाज सुन उसकी मां सोमवती वहां पहुंच गई और उसे छुड़ा लिया पर तब तक वह काफी बुरी तरह से घायल हो चुका था। घायल अवस्था में उसे हॉस्पीटल में भर्ती कराया गया। बाद में पुलिस को सूचित कर दिया गया। पुलिस के मुताबिक, दोनों पक्ष इस मामले पर आपस में सुलह कर चुके हैं।

3 टिप्‍पणियां:

  1. vakai aajkal bheed nirankush hoti ja rahi hai. use to bus kisi bhi bahane se kisi ko peetne ka mauka chahiye.

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  2. इंसानियत nahi ye हैवानियत hai.

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  3. humein ek baar phir se vichar karna hoga ki kya hum vakai sabhya samaj mein rahte hain..

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