मंगलवार, 17 जून 2008

हलचल शुरु

इंदौर में पत्रिका की तैयारी लगभग अंतिम दौर में है। मैनेजमेंट ने दैनिक भास्कर से एकदम सटी हुई बिल्डिंग में अपना दफ्तर बनाया है। यह भवन इंदौर समाचार पत्र का है और पिछले कुछ वर्षों से यहां एक कोचिंग संस्थान संचालित हो रहा था। सर्वे जैसा काम यहां पूरा हो चुका है और सर्कुलेशन के लिए गिफ्ट बांटने का दौर भी अंतिम दौर में है। शहर बैनरों से पटा है। पत्रिका के बैनर कैंपेन से राज एक्सप्रेस ने सीख लेते हुए उसी टेस्ट की एड-सीरिज शुरु कर दी है। यहां तक की इंदौर की आवाज उठाने का दावा करते हुए राज की आवाज भी शुरु कर दी है। इसके जरिए वो शहर की समस्याऒं को उठाने की कोशिश करेंगे। शहर में शोर है कि पत्रिका भोपाल की ही तरह इंदौर में भी बिना किसी पूर्व सूचना के बाजार में उतरने की योजना बना रहा है। खैर इससे उन पत्रकारों को ज्यादा फायदा होगा जो जागरण से ठोकर खाकर बैठे हैं। वैसे पत्रिका की ऒर से कई पत्रकारों से संपर्क शुरु कर दिया गया है।

1 टिप्पणी:

  1. बढ़िया है जी. एक रसता भी टूटेगी इससे और आपसी काम्पटीशन तो बाजार के लिये अच्छा है ही.

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