गुरुवार, 23 जुलाई 2009

साबित हो गया बिहार में जंगलराज

अब तक सुनते आए हैं कि बिहार देश का पिछड़ा राज्य है, यहां जंगल राज है। अपराधियों और बाहुबलियों का बोलबाला है। पुलिस प्रशासन खत्म हो चुका है। लेकिन आज की घटना के बाद यह साबित हो गया है, वाकई प्रदेश में कानून व्ववस्था का अस्तित्व खत्म हो चुका है। इससे नीच घटना क्या होगी कि किसी प्रदेश की राजधानी में खुलेआम इस तरह की घटना हो और पुलिस का दूर-दूर तक पता ही न हो।

जिन लोगों ने उसे भरी सड़क में उस लड़की के कपड़े उतारे और उसे खुले बदन दौड़ाया, मेरी राय में तो उन सबको गोली मार देना चाहिए।

मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि आखिर इसमें किस-किस को दोषी माना जाए। उन कुत्तों की फौज को जिन्होंने उस औरत के शरीर को बेआबरु किया, जो औरत मां, बहन और बीवी होती है। या उन नपुंसकों की फौज को जिसे प्रशासन और पुलिस कहा जाता है। घिन आती है ऐसे लोगों पर।

पूरी घटना जी न्यूज पर देखी जा सकती है।

हुआ यूं कि पटना के एक स्थानीय होटल से एक जोड़े को निकाला गया तो कुछ तालिबानी माइंडसेट वाले संस्कृति के ठेकेदारों ने उन्हें घेर लिया। इन आवारा लोगों के समुदाय ने लड़के को खूब पीटा और लड़की के बदन से सारे कपड़े नोचकर उसे सड़क में दौड़ाया। यही है एक लोकतांत्रिक देश में महिलाऒं की स्थिति का कड़वा सच।

बिहार की राजधानी पटना में आज तालिबान जैसी घटना का एक शर्मनाक नजारा देखने को मिला। शहर के भीड़-भाड़ वाले रास्ते पर एक लड़की के उपर चोरी का झूठा आरोप लगाकर उसके जिस्म पर मौजूद कपड़े फाड़े गए।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक लड़की अपने ब्वॉय फ्रेंड के साथ घूम रही थी तभी दोनों में किसी बात को लेकर अनबन हुई और लड़की ने लड़के से उसका मोबाइल छीन लिया जिसके बाद लड़के ने लड़की पर चोरी का आरोप लगाकर भीड़ एकत्रित कर लिया जिसके बाद शुरु हो गया तालिबानी हैवानियत। वहां मौजूद कुछ लोगों ने लड़के-लड़की को जिस्मफरोसी के धंधें में लिप्त होने को लेकर दोनों को जमकर पीटा,इसके बाद समाज के ये गुंडे लड़की का सबके सामने बीच सड़क पर चीर हरण करने लगे।

लड़की के शरीर पर मौजूद कपड़ो को ये लोग कुत्तों की तरफ फाड़ दिए। सबसे बड़ी बात यह है कि उस भीड़ में ऐसा कोई भी शख्स नहीं था जो यह बोल सके कि यह गलत हो रहा है। सभी इस घटना को रोमांचक अंदाज में लेकर मजा ले रहे थे। लड़की चीख-पुकार कर रहम की भीख मांग रही थी लेकिन सभी मूक बनकर सिर्फ नजारा देख रहे थे।

इतने शर्मनाक घटना के बाद वहां की पुलिस अपना बचाव करते हुए नचर आई। पुलिस ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं हुआ है। किसी लड़की के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है।

घटना के बाद पूरे देश में इसकी कड़ी प्रतिक्रिया हो रही है। इस संबंध में भूतपूर्व रेलवे मंत्री लालू प्रसाद यादव का कहना है कि बिहार में इस प्रकार की घटना अपने आपमें बेहद ही शर्मजनक है। उन्होंने मुख्यमंत्री नितीश कुमार पर प्रहार करते हुए कहा कि इनके शासन में नियम कानून की सरेआम धज्जियां उड़ रही हैं कहीं भी कानून के साथ खिलवाड़ शुरु हो जाता है। यादव ने कहा कि वे पीड़ित लड़की को न्याय दिलाने के लिए पूरा प्रयास करेंगे।

12 टिप्‍पणियां:

  1. Please give details!!! I am unable to understand who did it?, on a girl, but the reasons?, and where? Bihar is not like gandhi Maidan Patna.

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  2. GHATANAA SARVATHAA GHOR NINDANIYA HAI...MAGAR BIHAAR KO GAALI DENAA UCHIT NAHI HAI ... ISE DESH KE STAR PAR LENI CHAHIYE...

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  3. Thoda detail dijiye. Waise pura hindustan me jungle raaj ho gaya hai. Haryana me ladke ko maar dala shadi karne par. kahin par teacher ko nange ghumaya, kahin par kuchh. Stereotype mat kijiye. Bangalore me Din dahade road par talwar se kaat kar hatyayen hoti hai. Pata nahin wo log banduk kyon nahin use karta.
    Hindustan hi aisa ho gaya hai.

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  4. आदरणीय मैं आपकी बात से पूरी तरह सहमत हूं और बता दूं कि बिहार राज्य को नहीं बल्कि वहां के नेताऒं और प्रशासन के लिए जंगलराज का इस्तेमाल किया है। वैसे तो कानून व्यवस्था की हालत पूरे देश में ही बदतर है। पर यदि कुछ घटिया किस्म के लोग ऐसी हरकत करें वो भी उस देश में जहां तथाकथित रुप से नारी को देवी का स्थान मिला है तो फिर कानून और प्रशासन किस लिए है। आपका ध्यान एक और बात की ऒर दिलाना चाहूंगा कि आमजन के मन में ऐसी भावना होती है कि राजधानी तो सुरक्षित ही होगी। इस घटना ने इसको भी नकार दिया है।

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  5. मैं जानना चाहूंगा कि उस वक्त आप कहां थे?

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  6. Likhane ke baad maine bhi dekha TV par. Ghatna bahut hi durbhagyapurn evam nindaniye hai. Jungle Raaj kahna atishayokti hogi. Aise doshiyon ko speedy trial kar ke kadi se kadi saja deni chahiye. Police Mahakama me jaati paati se oopar oothani chahiye Nitish jee ko. Kal TV par Sunil kumar IG ke rup me dikhe.

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  7. अरे का बात करत हो भैया ! बिहार में कौनो जंगलराज- वान्ग्लराज नाही, जंगलराज तो इ सुसरवा दिल्ली में होई रहेत! लोकतंत्र ने बेडा गरक कर दिया, अगर देश की बागडोर किसी मजबूत व्यक्ति( गलती से भी इसका अर्थ लाल कृष्ण आडवानी से ना जोड़े) होता तो क्या मजाल कि कोई चूं भी कर पाता ! दुर्भाग्य्बश आज देश की राजनीती सिर्फ वोट तक सीमित रह गई है , और एक भी मजबूत नेता नहीं है !

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  8. कौशल जी मैंने इस घटना को टीवी पर देखा। लेकिन आपके पूछने का तात्पर्य मैं समझ रहा हूं शायद।

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  9. BAHUT HI SHARMNAK GHATNA HAI AUR MEIN ANIL JI SE BILKUL SAHMAT HU KI DESH MEIN AUR KHASKAR BIHAR MEIN JUNGLE RAAJ FAILTA JA RAHA HAI. SAMAJH NAHI AATA KI JO YEH SAMAJ KE THAIKEDAAR BANTE HAI UNHE KOI AAINA KYUN NAHI DIKHATA KI ES TARAH KI GHATNA KO ANJAAM DENE WALE BAS MANSIK ROGI HI HO SAKTE HAI.AUR JO HAMESHA HOTA AAYA KI EK DUSARE PAR AAROP LAGAYE JAYEGE ..AUR NATEJA SHUNYA HI RAHEGA KYUNKI GHATANA HI TO HAI AAJ KHABAR HAI KAL TAK SAB BHOOL JAYEGE..

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  10. anil ji keval bihar ki hi baat nahi yeh to sare desh ki kahani hai,Hona to yeh chahiye ki ,seedhe goli mar de par apan sab ne bhi ract karna chod diya hai govt. ki tarah chae koi kuch bhi kare hum sirf virodh karegene woh bhi tv par. Mein chahoonga ki app blog ke madhyam se kuch aur topic bhi raise karen jaise.

    1.Prof.Sabharwal ke killers ko free karna.
    2.Recession ke time par mayawati ka 3000cr apne statue par kharch karna.
    3.26/11 ke baad har neta ke bayan ko record karen aur dekhen ki 7 mahine mein usne kya kya bola isme pakistan ki govt. ke bayan bhi dekhen.

    in teen topic par to kisi tarah ki bahs ki jaroorat hi nahi hai tab bhi apan sab sah rahe hai to phir condition mein bihar vali ghatna logon ke dimag par koi impact kaise karegi.

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  11. ye ghatna sirf ek shahar, rajya ya kisi ek desh ki nahi hai balki duniya ke har kone se iss tarah ki vardate aksar sammnae aati rehi hai.
    Lekin aise muddhe kuch samay bahas ka vishay banakar daba diye jate hai. isse na tou kisi vardaat ko roka jata hai aur na kisi samaysa ka hal nikala ja sakta.
    Bajayae bhahas karne ke, hmmne kuch aise hal khojne honge jisse iss tarah ki ghantnae dubara na ho paye.
    Aur iske liye keval police force ko hi nahi balki har ek ko apni zimmaedari samjhni hogi.

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