शुक्रवार, 28 सितंबर 2007

पत्रकारों की सज़ा पर रोकी सुप्रीम कोर्ट ने

भारत में सुप्रीम कोर्ट ने अदालत की अवमानना के दोषी ठहराए गए चार पत्रकारों की सज़ा पर रोक लगा दी है। मामले की अगली सुनवाई जनवरी में होगी। यह खबर बीबीसी ने दी है।

खबर के अनुसार अदालत की अवमानना के एक मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय ने 'मिड डे' अख़बार के चार पत्रकारों को चार-चार महीने की जेल की सज़ा सुनाई थी। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश अरिजीत पसायत और पी सदाशिवम ने चारों पत्रकारों की याचिका स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट से उन्हें मिली सज़ा पर रोक लगा दी।

हाईकोर्ट ने जिन्हें सज़ा सुनाई थी उनमें 'मिड डे' के स्थानीय संपादक और प्रकाशक के साथ-साथ एक कार्टूनिस्ट भी हैं. 'मिड डे' में छपे लेख में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायधीश वाईके सभरवाल पर दिल्ली में अवैध तरीक़े से रिहायशी इलाक़ों में चल रही दुकानों को सील करने के आदेश से संबंधित कुछ टिप्पणियाँ की थीं। अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि 'लेख से सुप्रीम कोर्ट की छवि धूमिल होती है। इससे इस संस्था में आम लोगों के विश्वास में कमी आ सकती है।'

पत्रकार इस मामले को सुप्रीम कोर्ट ले गए थे और सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि दोषी ठहराए गए लोगों को उच्च न्यायालय तत्काल ज़मानत दे दे जिसके बाद चारों को ज़मानत दे दी गई।

1 टिप्पणी:

  1. लेकिन असल बात तो दब गयी. क्या सब्बरवाल के खिलाफ जांच होनी चाहिए या नहीं?

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